Kamal Art Gallery
"सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं" देश, धर्म, संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं संस्कृति, स्वधर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले गुरु गोबिंद सिंह जी कट्टरपंथी आक्रांताओं के सामने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। त्याग, वीरता और समर्पण का प्रतीक उनका जीवन अनंतकाल तक सभी का मार्गदर्शन करता रहेगा।